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नहीं रहे अंग्रेजों के जमाने के अमर जेलर असरानी: 84 वर्ष की उम्र में निधन, बॉलीवुड में शोक की लहर

Asrani, the immortal jailer of the British era, is no more Died at the age of 84, Bollywood mourns.

मुंबई। दिवाली के पावन पर्व पर बॉलीवुड को एक करारा झटका लगा। दिग्गज अभिनेता गोवर्धन असरानी, जिन्हें दुनिया ‘असरानी’ के नाम से जानती है, का सोमवार को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले पांच दिनों से मुंबई के आरोग्य निधि अस्पताल में फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और लाखों प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है। सुबह ही इंस्टाग्राम पर दिवाली की शुभकामनाएं साझा करने वाले असरानी का यूं चले जाना एक दुखद संयोग है।

असरानी का निधन लंबी बीमारी के बाद हुआ। उनके मैनेजर बाबुभाई थीबा ने बताया कि वे 15 अक्टूबर से अस्पताल में भर्ती थे, जहां फेफड़ों से जुड़ी जटिलताओं ने उनकी हालत बिगाड़ दी। परिवार ने निधन की आधिकारिक पुष्टि की, लेकिन उन्होंने किसी औपचारिक घोषणा से परहेज किया था। असरानी ने खुद अपनी पत्नी मनजू असरानी को निर्देश दिया था कि उनके निधन की खबर को ज्यादा प्रचार न दिया जाए। शाम को उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांतक्रूज़ क्रीमेटोरियम में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

जन्म 1 जनवरी 1941 को गुजरात के जयपुर में एक साधारण परिवार में हुआ गोवर्धन असरानी ने सिनेमा जगत में अपनी अनूठी हास्य शैली से एक अलग मुकाम हासिल किया। 1960 के दशक में फिल्मों में प्रवेश करने वाले असरानी ने 350 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया। उनका जन्म नाम गोवर्धन था, लेकिन ‘असरानी’ उपनाम ने उन्हें अमर बना दिया।

1975 में रिलीज हुई रमेश सिप्पी की महाकृति ‘शोले’ में असरानी का अंग्रेजों के जमाने का जेलर का किरदार आज भी लोगों की जुबान पर है। ‘अरे ओ सांबा, कितने आदमी थे?’ जैसे डायलॉग्स ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इस भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिलाया। इसके अलावा, ‘चुपके-चुपके’, ‘छोटी सी बात’, ‘रफू चक्कर’, ‘मेरे अपने’, ‘कोशिश’, ‘बावर्ची’, ‘परिचय’, ‘अभिमान’ जैसी क्लासिक फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ भावुक भी किया। 2000 के दशक में ‘हेरा फेरी’, ‘भूल भुलैया’, ‘धमाल’, ‘बंटी और बबली 2’, ‘वेलकम’, ‘ऑल द बेस्ट’ और ‘आर… राजकुमार’ जैसी कॉमेडी फिल्मों में वे युवा पीढ़ी के चहेते बने रहे।

असरानी ने राजेश खन्ना के साथ 25 से अधिक फिल्मों में सहयोग किया और हास्य अभिनेता के रूप में दो फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ कॉमेडियन पुरस्कार जीते। उनका अभिनय इतना सहज था कि वे कभी लीड रोल में, कभी सपोर्टिंग में, तो कभी कैरेक्टर आर्टिस्ट के रूप में चमके। बाद के वर्षों में वे टीवी शो और थिएटर से भी जुड़े रहे, जहां उनकी टाइमिंग ने नई प्रतिभाओं को प्रेरित किया।

असरानी के निधन पर बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, “असरानी जी का निधन हिंदी सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी हास्य प्रतिभा ने लाखों दिलों को छुआ। श्रद्धांजलि।” अभिनेता अक्षय कुमार ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “शोले के जेलर अब हमेशा के लिए आजाद हो गए। आपकी यादें हमें हंसाती रहेंगी। ओम शांति।” अनुपम खेर ने कहा, “असरानी सर, आपकी टाइमिंग बेजोड़ थी। इंडस्ट्री ने एक युग खो दिया।”

सोशल मीडिया पर #Asrani ट्रेंड कर रहा है। प्रशंसक नम आंखों से उनके डायलॉग्स शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “दिवाली पर पटाखों की जगह दिल टूटने की आवाज गूंजी। अलविदा असरानी जी।” टीवी स्टार कपिल शर्मा ने शो के दौरान विशेष श्रद्धांजलि दी।

असरानी अपनी पत्नी मनजू असरानी (जो खुद अभिनेत्री हैं) और दो बेटियों के साथ मुंबई में रहते थे। उनका परिवार ने गोपनीयता की अपील की है। हिंदी सिनेमा ने आज एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिनकी हंसी सदियों तक गूंजती रहेगी।