
प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों की हालत दयनीय, धामी सरकार के दावे हुए ध्वस्त – सूर्यकांत धस्माना
देहरादून, हमारी चौपाल संवाददाता।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश भर में हो रही भारी सड़क टूट-फूट और चारधाम यात्रा मार्गों की बदहाली को लेकर धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अभी तो मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, और पहली बारिश में ही प्रदेश भर की सड़कें धराशायी हो गई हैं। ऐसे में आगामी ढाई महीने की बारिश में उत्तराखंड की क्या हालत होगी, इसकी कल्पना मात्र से रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री तक जिस ऑल वेदर रोड का ढोल एक दशक से पीटा जा रहा है, वह ‘ऑल वेदर’ है या केवल चुनावी मौसम के लिए, इसका जवाब जनता चाहती है।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये सड़कें केवल सूखे मौसम में ही टिक पाती हैं? बारिश में तो ये हर साल की तरह ध्वस्त हो रही हैं।
धस्माना ने कहा कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—चारों धामों के सड़क मार्ग बेहद खराब हाल में हैं। यात्रियों की जान सड़क दुर्घटनाओं में जा रही है, और सरकार केवल आँकड़ों के खेल में लगी है। उन्होंने विशेष रूप से आज बद्रीनाथ के पास लामबगड़ में बह चुके राष्ट्रीय राजमार्ग के बड़े हिस्से का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सरकार की तैयारियों की पोल खुल जाती है।
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली और कुमाऊं मंडल में भी राष्ट्रीय और राज्य मार्गों की स्थिति चिंताजनक है। ऐसे में सरकार की डबल इंजन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
धस्माना ने चेताया कि यदि यात्रा मार्गों की स्थिति तत्काल दुरुस्त नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में और अधिक जान-माल की हानि हो सकती है। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल यात्रा मार्गों की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे और ज़रूरत पड़े तो यात्रा को कुछ समय के लिए स्थगित कर यात्रियों की जान बचाए।
उन्होंने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की संख्या दिखाकर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रही है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील रवैया है।
















