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अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस पर बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष ने की विभागीय कार्य योजना की समीक्षा

On International Anti-Drug Day, the Chairman of the Child Rights Protection Commission reviewed the departmental action planOn International Anti-Drug Day, the Chairman of the Child Rights Protection Commission reviewed the departmental action plan
On International Anti-Drug Day, the Chairman of the Child Rights Protection Commission reviewed the departmental action plan

– नशे की रोकथाम के लिए ज्वाइंट एक्शन प्लान बनाते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश।
देहरादून।  अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डा0 गीता खन्ना की अध्यक्षता में आईसीडीएस सभागार में बच्चों में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति की रोकथाम, उपचार व पुनर्वास से संबंधित उपायों की समीक्षा हेतु ज्वाइंट एक्शन प्लान की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बाल आयोग के सचिव डा0 शिव कुमार बरनवाल ने बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृति पर आयोग द्वारा पूर्व से किए गए कार्योंऔर वर्तमान में संचालित कार्योंको साझा करने को कहा।
बैठक में राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के संयुक्त निदेशक डा0 एसडी बर्मन ने बच्चों में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति के उपचार के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी, जिसमें उनके द्वारा टेली-मानस टोल फ्री नम्बर- 14416 के बारे में बताया गया और कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु के उपरान्त उत्तराखंड में ई-मानस के लांच किये जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों का सेवन करने वाले 13 प्रतिशत बच्चे एवं किशोर है, जिसमें से 20 वर्ष से कम आयु के मात्र 5 प्रतिशत लोग ही उपचार की तलाश करते है, जो कि संख्या में काफी कम है।
बैठक में एनएचएम, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण, खाद्य सुरक्षा, औषधि नियंत्रक, नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो, महिला कल्याण, शिक्षा विभाग और नशे के विरूद्ध काम कर रहे एनजीओ द्वारा प्रतिभाग किया गया। जिसमें उनके द्वारा अपने विभागीय प्रयासों और भविष्य की कार्ययोजना से अवगत कराया गया। शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों में नशा मुक्ति पहरी क्लब को क्रियान्वित किया जाए। आबकारी विभाग स्कूलों के पास मदिरा की दुकानों को कतई अनुमति न दें। महिला कल्याण एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा पुनर्वास कार्यक्रमों और बचाव कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों में बढ़ती नशे की लत के उपचार हेतु भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डाला। बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े सभी जनपदों द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में किये जा रहे कार्योंतथा वर्तमान में आ रही चुनौतियों से अवगत कराया।
अध्यक्ष ने सभी जनपदों को लिखित रूप में कार्यों का विवरण व चुनौतियां आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों द्वारा अपने स्तर पर किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में सभी विभागों को एकजुट होकर समन्वय स्थापित करते हुए ज्वाइंट एक्शन प्लान और प्रभावी रूप से इसका क्रियान्वित किये जाने पर जोर दिया। साथ ही बच्चों के हित में सभी टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर (चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, साइबर-1930, टेली-मानस -14416, मानस नारकोटिक्स -1933) को सभी सार्वजनिक स्थानों, विद्यालयों, संगठनों तथा जहां बडी संख्या में जनता एकत्रित होती हो वहां पर चस्पा किये जाने के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीएम हरि गिरि, एसीएमओ डा0 दिनेश चौहान, एडीसी  फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ) डा0 सुधीर कुमार, अपर निदेशक समाज कल्याण हेमलता पाण्डेय, नोडल अधिकारी महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग उदय प्रताप सिंह, जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह, सीपीओ महिला कल्याण विभाग अंजना गुप्ता, डीपीओ मीना बिष्ट, ट्रांसपोर्ट टैक्स ऑफिसर प्रज्ञा पंत, सुपरिटेंडेंट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो विरेन्द्र सिंह, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नमिता ममगांई आदि उपस्थित थे।