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कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर पहुंचे राज्यपाल, वीर नारियों का किया सम्मान और जवानों से की भेंट

The Governor reached the Kumaon Regiment Center, honored the brave women and met the soldiers
The Governor reached the Kumaon Regiment Center, honored the brave women and met the soldiers

अल्मोड़ा।   उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने गुरुवार को अपने अल्मोड़ा दौरे के दौरान रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षु अग्निवीरों से संवाद स्थापित करते हुए सैन्य परंपराओं और नवाचारों की सराहना की। राज्यपाल के रानीखेत आगमन पर जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा और कुमाऊं रेजिमेंट के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर के कमांडर ब्रिगेडियर एस. के. यादव ने राज्यपाल को सेंटर की गतिविधियों और भावी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी। राज्यपाल ने सेंटर द्वारा संचालित ‘आउटरीच प्रोग्राम्स’ के तहत सैनिकों एवं उनके परिजनों के लिए चलाए जा रहे कौशल विकास कार्यक्रमों, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और उच्च शिक्षण संस्थानों से किए जा रहे समन्वय की सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि सैनिकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण, उद्यानिकी, होमस्टे, मौन पालन जैसे स्वरोजगार योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष केंद्र विकसित किए जाएं। राज्यपाल ने कुमाऊं रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारतीय सेना की सबसे प्रतिष्ठित और अनुशासित इन्फैंट्री रेजिमेंट्स में से एक है, जिसमें वर्तमान में 23 बटालियनें कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि यह रेजिमेंट न केवल देश की सीमाओं की सुरक्षा में अग्रणी रही है, बल्कि इसकी प्रशिक्षण परंपरा और युद्ध क्षमता ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई है। भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और डिजिटलीकरण, स्मार्ट फायरिंग सिमुलेटर, आईटी एवं ऑनलाइन कोर्स, जेसीओ के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र और हाई परफॉर्मेंस सेंटर जैसी नवाचार पहलों की सराहना की। उन्होंने सैनिकों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आर्चरी, बॉक्सिंग और ताइक्वांडो जैसे खेलों को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाए जाने को अनुकरणीय बताया। इस अवसर पर राज्यपाल ने वीर नारियों का सम्मान किया और रेजिमेंट सेंटर के अंतर्गत संचालित वूल केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां पूर्व सैनिकों की आश्रित महिलाएं ऊन से जैकेट और शॉल जैसे गर्म कपड़ों का निर्माण कर रही हैं। राज्यपाल ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता की दिशा में किया जा रहा यह प्रयास सराहनीय है। अपने दौरे के अंत में राज्यपाल परिवार सहित रानीखेत स्थित प्रसिद्ध झूला देवी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। इस मौके पर कुमाऊं रेजिमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर एस. के. यादव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरबंश सिंह सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।