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बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाकर ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को सशक्त बनाता है एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज़ इंडिया

SOS Children's Villages India strengthens the 'Child Marriage Free India' campaign by spreading awareness against child marriage.
SOS Children's Villages India strengthens the 'Child Marriage Free India' campaign by spreading awareness against child marriage.

देहरादून – 18 दिसंबर 2025 : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के समर्थन में, एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज़ इंडिया ने अपने विभिन्न विलेज स्थानों पर बाल विवाह की रोकथाम को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की रोकथाम को लेकर समुदाय की समझ को सुदृढ़ करना और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के महत्व को उजागर करना था। समुदाय के सदस्यों को विवाह की कानूनी न्यूनतम आयु के बारे में जागरूक किया गया—लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष। सत्र में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि उचित आयु में विवाह करने से बेहतर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है, बच्चों को अपना बचपन जीने, शिक्षा जारी रखने और आत्मविश्वासी एवं आत्मनिर्भर व्यक्ति बनने का अवसर मिलता है। सत्रों के अंत में, सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह को रोकने की शपथ ली। ये सत्र फैमिली स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम, फैमिली लाइक केयर प्रोग्राम और किनशिप केयर प्रोग्राम के संयुक्त प्रयास के तहत आयोजित किए गए।

एसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज़ इंडिया के सीईओ, सुमंत कर ने कहा, “हमारे विभिन्न कार्यक्रम स्थलों पर बच्चों ने भारत में बाल विवाह को समाप्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस जागरूकता अभियान में भाग लिया, जो केंद्र सरकार के ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के अनुरूप है। इसमें शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभिभावकों, समुदाय के सदस्यों और हितधारकों को समान उत्साह के साथ आगे आना चाहिए ताकि सही संदेश बच्चों तक पहुँचे। हमें सभी को मिलकर बच्चों के अधिकारों और कल्याण की वकालत करनी चाहिए तथा बाल विवाह के किसी भी मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को देनी चाहिए।”

गुवाहाटी में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने सत्र में भाग लिया, जो सभी स्थानों में सर्वाधिक भागीदारी रही। अलीबाग में 52 महिला प्रतिभागियों ने जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया, जिसके बाद एक जागरूकता गतिविधि आयोजित की गई। वाराणसी में 45 प्रतिभागियों के साथ एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम लागू किया गया, जबकि भोपाल सत्र में एसओएस चिल्ड्रन्स विलेज की 40 लड़कियों के साथ फैमिली स्ट्रेंथनिंग प्रोग्राम की 10 लड़कियाँ और किनशिप केयर प्रोग्राम की 10 लड़कियाँ शामिल हुईं। फरीदाबाद के ग्रीनफील्ड्स विलेज में आयोजित जागरूकता अभियान में 28 बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

गुवाहाटी में आयोजित सत्र को अमिनगांव की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट का सहयोग प्राप्त हुआ और इसे जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं समन्वयक द्वारा संचालित किया गया, जिसमें फैमिली लाइक केयर प्रोग्राम के राज्य निदेशक श्री अमर ज्योति सरमा की उपस्थिति रही। वाराणसी में, डीसीपीओ सुश्री निरुपमा सिंह और ग्राम प्रधान श्री मनोज यादव द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में बाल विवाह के कानूनी ढांचे, उसके दुष्परिणामों और प्रारंभिक चेतावनी संकेतों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसके बाद जागरूकता चार्ट तैयार किए गए और दानियालपुर व दुबकिया में रैली निकाली गई। भोपाल में, पिपलानी थाना के अधिकारियों ने सत्र में भाग लिया और कानूनी प्रावधानों, सुरक्षा दिशानिर्देशों तथा वास्तविक मामलों के बारे में जानकारी दी, साथ ही एक एकांकी नाटक प्रस्तुत किया गया जिसने खुले संवाद को प्रोत्साहित किया। फरीदाबाद के ग्रीनफील्ड्स में आयोजित सत्र, जिसे चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुश्री कोमल चौधरी ने संचालित किया, ने बच्चों को संरक्षण से जुड़े मुद्दों को समझने का अवसर प्रदान किया, जबकि बवाना में सम्भावना आर्ट्स एंड कल्चर टीम के सहयोग से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिससे बाल विवाह समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सार्थक सामुदायिक संवाद शुरू हुआ। विशाखापत्तनम में आयोजित कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री हरिकृष्ण मुख्य अतिथि के रूप में अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे।