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ओलावृष्टि से फसल, सब्जी और फल बर्बाद

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पिथौरागढ़।  सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के कई हिस्सों में ओलावृष्टि से फसलों और फलों को काफी नुकसान पहुंचा है। सब्जियां भी ओलावृष्टि से बर्बाद हो चुकी हैं। साल भर की मेहनत ओलावृष्टि की भेंट चढ़ने से किसान परेशान हैं।  कनालीछीना, मूनाकोट और मुनस्यारी विकासखंड में लगातार हो रही ओलावृष्टि किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। बीते रविवार को कनालीछीना के सतगढ़, अस्कोड़ा, सुरौण, मूनाकोट के पलेटा, नैनीपातल, खूना, मड़मानले और मुनस्यारी के नाचनी क्षेत्र में जमकर ओलावृष्टि हुई। जिससे फसलों, फलों और सब्जियों को काफी नुकसान पहुंचा है। जबकि नाचनी में लीची, आम का फल और बौर पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। साल भर की मेहनत बेकार होने से किसानों के चेहरे पर मायूसी है। नाचनी निवासी काश्तकार अमर सिंह और पलेटा निवासी सुनील कापड़ी ने कहा हमारी मेहनत ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। कृषि और उद्यान विभाग को नुकसान का आंकलन कर हमें मुआवजा देना चाहिए, ताकि हमें कुछ राहत मिल सके।
खेतों में रोपी पौध बर्बाद:  किसान इन दिनों टमाटर, मिर्च, बैगन सहित अन्य सब्जियों की पौध रोपने में जुटे हैं। उन्हें उम्मीद थी पौधरोपण के बीच हुई बारिश से इस बार उत्पादन बेहतर होगा। लेकिन बीते रविवार हुई ओलावृष्टि से उनकी मेहनत बेकार कर दी। खेतों में रोपे पौध ओलावृष्टि से बर्बाद हो गए हैं, जिससे किसान मायूस हैं।
गेहूं की फसल को पहुंचा है नुकसान
जिले में 30 हेक्टेयर से अधिक भूमि में किसान गेहूं की खेती करते हैं। हालांकि अब तक 75 प्रतिशत फसल की कटाई हो चुकी है। लेकिन बीते दिन हुई ओलावृष्टि से खेतों में बची गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और अंधड़ से फसल टूटकर बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ा है।
बीते रविवार को जनपद के कई हिस्सों में ओलावृष्टि हुई है। फिलहाल नुकसान की सूचना नहीं मिली है। टीम को नुकसान के आंकलन के लिए लगाया गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।   – ऋतु टम्टा, मुख्य कृषि अधिकारी, पिथौरागढ़।