Home उत्तराखंड त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद महाराज-महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद

त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति थे ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद महाराज-महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद

हरिद्वार।  उत्तरी हरिद्वार की धार्मिक संस्था श्री गरीबदास परमानंद आश्रम के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद महाराज की प्रथम पुण्यतिथि साधु महात्माओं व श्रद्धालु भक्तों के सानिध्य में सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद महाराज त्याग ,तपस्या, सरलता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने जीवन पर्यंत शिक्षा दीक्षा में सनातन धर्म की सेवा करते हुए दीन हीन लोगों की सेवा की। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद महाराज कुशल व्यवहार के धनी मृदुभाषी संत थे। उन्होंने जीवन भर समाज कल्याण के कार्य किए। श्री गरीबदास परमानंद आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी केशवानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन पूज्य सदगुरुदेव स्वामी परमानंद महाराज ने हमेशा सेवा समर्पण सद्भाव की शिक्षा दी। उन्हीं के पद चिन्हों पर चलकर श्री गरीबदास परमानंद आश्रम की सेवाओं को समाजहित में बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी परमानंद महाराज एक सच्चे निर्मल संत थे। जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर तैयार रहते थे। इस अवसर पर महंत रविदेव शास्त्री, डा.हरिहरानंद, दिनेश दास महाराज, हनुमान दास, योगेंद्रानंद, कृष्णानंद, महंत ब्रह्मस्वरूप, महंत दयानंद पुरी महाराज के साथ नीरज गोयल, पंकज गोयल, अथर्व मित्तल, विपिन जिंदल, राजवन्ती सहवाग, सुरेश, संजय सहवाग, रोहतास जागलान, हार्दिक गोयल, आदि श्रद्धालु भक्तों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।