Home उत्तराखंड निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मी रहे हड़ताल पर

निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मी रहे हड़ताल पर

तीर्थनगरी ऋषिकेश में एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा को छोड़कर सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। पहले दिन कामकाज ठप होने से करीब 200 करोड़ का वित्तीय कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, बैंकों के निजीकरण के विरोध में सड़कों पर उतरे हड़ताली कर्मियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सोमवार को ऋषिकेश की बैंक शाखाओं में सुबह से ही ताले लटके रहे। निजीकरण के विरोध में ऑल इंडिया बैंक एंप्लाइज यूनियन से जुड़े पीएंडबी, पीएनबी, यूनियन आदि बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी रेलवे रोड स्थित एसबीआई शाखा के सामने एकत्रित हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए हरिद्वार रोड स्थित पीएनबी शाखा पहुंचे। यहां केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का दबाव बना रही है। निजीकरण से बेरोजगारी बढ़ेगी। वर्तमान में सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंक हैं, जिन्हें घटाकर सरकार 6 करने की योजना बना रही है, इसका बैंक कर्मी पुरजोर विरोध करेंगे। प्रदर्शनकारी बैंक कर्मियों ने कहा कि सार्वजनिक बैंकों को निजी हाथों में सौंपने की सरकार की मंशा को कामयाब नहीं होने देंगे। इसके खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। दो दिवसीय हड़ताल के बाद भी सरकार नहीं चेती तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। धरना प्रदर्शन में शाखा सचिव संजय शर्मा, दिगंबर सिंह रावत, राजकुमार, सुरेश भट्ट, पुरुषोत्तम लखेड़ा, कृष्णपाल, पवन बिष्ट, कलम सिंह अधिकारी, अनिल कुमार, रणवीर भारती, नीतीश कुमार आदि शामिल रहे।
एटीएम में उमड़ी भीड़
हड़ताली बैंकों के एटीएम में सुबह से ही पैसे निकालने वाले और जमा करने वालों की लंबी कतार रही। हरिद्वार रोड और देहरादून रोड पर पीएनबी शाखा के एटीएम समेत अन्य बैंकों के एटीएम में जरूरत का पैसा निकालने के लिए लोगों में मारामारी रही। कतार में खड़े लोगों का कहना था कि दो दिन की हड़ताल है, पहले दिन एटीएम से पैसे निकल सकते हैं। हड़ताल से दूसरे दिन तो संकट खड़ा हो जाएगा।