Home उत्तराखंड एनएसएस समाज सेवा की भावना जाग्रत करने में सफल : अनिल भारती

एनएसएस समाज सेवा की भावना जाग्रत करने में सफल : अनिल भारती

NSS successful in awakening the spirit of social service Anil Bharti
NSS successful in awakening the spirit of social service Anil Bharti

रक्तदाता शिरोमणि डॉo अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान हेतु “एनएसएस विशेष सम्मान”

डॉo सत्यम द्विवेदी “यूथ रेडक्रॉस बैज ऑफ़ ऑनर” से सम्मानित
दूरदर्शन, उत्तराखंड के सहायक निदेशक श्री अनिल भारती ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवा छात्र छात्राओं में समाज सेवा की भावना जाग्रत करने में सफल रही है l
श्री भारती बाल भवन, रायपुर में डीएवी (पीजी) कॉलेज के छात्रों के “डी ” यूनिट के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष वार्षिक शिविर के समापन एवं सम्मान समारोह के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि छात्रों को सम्बोधित कर रहे थे l उन्होंने कहा कि शिविरों में श्रमदान से लेकर आपदा प्रबंधन उपायों के साथ ही बस्तियों में जाकर लोगों को स्वच्छता, अंधविश्वास , विभिन्न रोगों के प्रति जागरूकता, मतदाता जागरूकता तथा नशामुक्ति अभियान के माध्यम से समाज सेवा का महत्वपूर्ण किया जाता है l
यूथ रेडक्रॉस कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉo अनिल वर्मा ने बताया कि शिविर के दौरान उनके द्वारा युद्ध अथवा शांतिकाल में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के तहत छात्रों को अग्निशमन, भूकंप,भूस्खलन, बाढ़ आदि विभिन्न आपदाओं के दौरान घायलों को सुरक्षित निकालकर प्राथमिक चिकित्सा तथा सीपीआर आदि के लिए ले जाने के इमरजेंसी मेथड्स आफ रेस्क्यू आदि का विधिवत् प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने छात्रों के पूर्ण अनुशासन में रहकर रूचि पूर्वक प्रशिक्षण ग्रहण करने की सराहना की। प्रशिक्षण के उपरांत एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डाo सत्यम द्विवेदी के निर्देशन एवं टीम लीडर्स विवेक सिंह, गौरी शंकर के नेतृत्व में गौतम रावत, प्रवेश राणा, आशू धीमान दीपक चौहान, कृष , सुजल बिष्ट, संजय पाठक, हरीश जलाल, कुणाल रावत, शौर्य अमोली, अविनाश पांडे, नितिन सिंह, सत्यवान् पुंडीर, दीपक चौहान, संदीप कुमार, मोहित यादव, इज़हान आदि स्वयंसेवी छात्रों ने ह्यूमन क्रेडल, ह्यूमन क्रच, फायरमैन्स लिफ्ट, फोर एंड आफ्ट मेथड, टू-थ्री-फोर हैंड्स मेथड, टो ड्रैग, मंकी क्राल के साथ ही रोप रेस्क्यू के अंर्तगत बोलाईन ड्रैग, चेयर नाट, इम्प्रोवाईज्ड स्ट्रेचर तथा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग से घायलों को रस्सी के सहारे ऊपर से नीचे उतारने आदि का कुशल प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉo सत्यम द्विवेदी, मुख्य अतिथि श्री अनिल भारती, डॉo विनीत विश्नोई तथा डॉ0 अमित शर्मा ने रेडक्रास सोसाइटी के आपदा प्रशिक्षण अधिकारी डॉo अनिल वर्मा को 155 बार रक्तदान करने तथा छात्रों को आपदा प्रबंधन, अग्नि शमन तथा प्राथमिक चिकित्सा का सघन प्रशिक्षण कुशलतापूर्वक प्रदान करने हेतु एनएसएस के विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया l डॉ0 अनिल वर्मा ने उन्हें सम्मानित करने के लिए डॉ0 द्विवेदी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 सत्यम द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में सात दिवसीय शिविर के दौरान रेड क्रॉस सोसाइटी एवं सिविल डिफेन्स सहित अन्य संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों की व्याख्या प्रस्तुत की।तत्पश्चात श्री अनिल भारती को शाल ओढ़ाकार, पौधा देकर तथा अपनी पर्यावरण पर आधारित पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया। साथ ही डॉ0 हरिओम शंकर जी ने भी स्वरचित दो पुस्तकें भेंटकर सम्मानित किया।
यूथ रेडक्रास कमेटी के डॉo अनिल वर्मा द्वारा कार्यक्रम अधिकारी डॉo सत्यम द्विवेदी को शिविर के कुशल आयोजन हेतु शाल ओढ़ाकर, प्रतीक चिन्ह भेंटकर तथा “बैज ऑफ़ ऑनर” से सम्मानित किया गया। साथ ही डॉ0 अनिल वर्मा ने उनके रक्तदान अभियान में वर्षों से रक्तदान हेतु प्रेरित तथा सहयोग करने हेतु मुख्य अतिथि श्री अनिल भारती को रेडक्रास प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। शिविर में स्वादिष्ट भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था हेतु डॉo अनिल वर्मा ने श्री दिनेश चंद्र गौड़ को पाँच सौ रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान करके सम्मानित किया ।
डीएवी कॉलेज प्रबंधन समिति सदस्य डॉo अरुण कुमार ने छात्रों के अनुशासन की सराहना की l बाल भवन प्रबंधन समिति की कोषाध्यक्ष डॉo आशा श्रीवास्तव, मेजर (डॉo) अतुल सिंह, डॉo प्रशांत सिंह, डॉo विनीत विश्नोई, डॉo विवेक त्यागी, डॉo अमित कुमार शर्मा, डॉ0 दीपेंद्र निगम तथा डॉo पारितोष ने भी छात्रों का अपने सम्बोधन में मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर डॉo नेहा, सिविल डिफेन्स के श्री सर्वेश कुमार एवं श्री विनय कुकसाल, श्री जगमोहन चौहान, श्री सुनील थापा,श्री शिव प्रसाद तिवारी, श्री डी के दीक्षित सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिविरार्थी छात्र उपस्थित थे।
कार्यक्रम का अति कुशल संचालन ड्राइंग एंड पेंटिंग विभागाध्यक्ष एवं पूर्व एन एस एस कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 हरी ओम शंकर ने किया।
धन्यवाद ज्ञापन डॉo सत्यम द्विवेदी द्वारा किया गया।