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पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉरमेशन टैक्नोलोजी, देहरादून को उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय का अध्ययन केंद्र बनाने हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया

MoU signed to make Pesal Weed College of Information Technology, Dehradun a study centre of Uttarakhand Open University
MoU signed to make Pesal Weed College of Information Technology, Dehradun a study centre of Uttarakhand Open University

देहरादून- 18.09.2025- पेसल वीड कॉलेज ऑफ इन्फॉरमेशन टैक्नोलोजी, देहरादून में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र बनाये जाने हेतु, उत्तराखण्ड के शिक्षा मंत्री माननीय डॉ. धन सिंह रावत जी की उपस्थिति में, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नवीन चन्द्र लोहानी एवं रजिस्ट्रार डॉ. खेमराज भट्ट तथा पेसल वीड कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप जी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम के शुभारम्भ में माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कुलपति (यू.ओ.यू.) डॉ. नवीन चन्द्र लोहानी, कुलसचिव (यू.ओ.यू.) डॉ. खेमराज भट्ट, पेसल वीड कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, सचिव श्री आकाश कश्यप, प्रबन्धन समिति के सदस्य श्री विनोद शर्मा तथा मेजर जनरल श्री शम्मी सबरवाल, श्रीमती किरन कश्यप, राशि कश्यप तथा पेसल वीड कॉलेज की प्राचार्या डॉ. अनिता वर्मा जी के द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। तत्पश्चात छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति की गयी। सभी अतिथिगणों को महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनिता वर्मा द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शॉल प्रदान कर स्वागत किया गया।

उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नवीन चन्द्र लोहानी जी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि पेसल वीड कॉलेज एक महत्त्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में कार्य करेगा क्योंकि पेसल वीड कॉलेज का वर्तमान शिक्षा के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण योगदान एवं स्थान रहा है। अतः यह उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय से जुड़कर एक विशिष्ट स्थान प्राप्त करेगा।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जिस राज्य में आदर्श शिक्षक होते हैं उस राज्य का विकास बहुत तेजी से होता है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत के 100 विश्वविद्यालयों की रैकिंग में से 8 विश्वविद्यालय उत्तराखण्ड के हैं और हमें उम्मीद है कि उत्तराखण्ड राज्य शीघ्र ही शत प्रतिशत शिक्षित राज्य की श्रेणी में आ जायेगा।

कार्यक्रम के अन्त में सभी अतिथियों को डॉ. प्रेम कश्यप जी द्वारा स्मृति चिह्न प्रदान किए गये और कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सम्पन्न हुआ।