अल्मोड़ा।जिलाधिकारी अंशुल सिंह के निर्देशानुसार आज अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्रा द्वारा न्यायालयों में लंबित अभियोजन कार्यों एवं वादों के गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण तथा नवीन अधिनियमों के प्रावधानों की बेहतर समझ विकसित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार, अल्मोड़ा में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद याकूब, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अनामिका सिंह तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नवल बिष्ट द्वारा प्रतिभाग करते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया साथ ही प्रतिभागियों को विभिन्न कानूनी एवं प्रक्रियात्मक विषयों की जानकारी दी गई।
इस दौरान अभियोजन एवं पुलिस विवेचना के बीच प्रभावी समन्वय, न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण, साक्ष्यों के संकलन एवं प्रस्तुतीकरण, अभियोजन कार्यों की गुणवत्ता तथा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की गई। न्यायिक अधिकारियों द्वारा अधिकारियों को प्रकरणों में कानूनी प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा अभियोजन से संबंधित मामलों में समन्वय बनाए रखने के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्रा ने कहा कि न्यायिक, अभियोजन एवं पुलिस विभाग के बीच बेहतर तालमेल से लंबित मामलों के गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित निस्तारण में सहायता मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को अपने कार्यों में प्रभावी रूप से लागू करने तथा आमजन को समयबद्ध न्याय दिलाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त अभियोजन अधिकारी श्रीमती सुनीता भट्ट, अभियोजन अधिकारी श्रीमती सीमा भैंटवाल सहित अन्य अभियोजकों द्वारा भी अभियोजन कार्यों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर समस्त उपजिलाधिकारी, अभियोजन टीम, पुलिस विभाग के आईओ और संबंधित विभागों के अधिकारी आदि भौतिक और वर्चुअल रूप से बैठक में सम्मिलित हुए।
