Home उत्तराखंड कृषि विज्ञान केंद्र में संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसान गोष्ठी आयोजित

कृषि विज्ञान केंद्र में संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसान गोष्ठी आयोजित

Farmers' Seminar on Balanced Fertilizer Use Organized at Krishi Vigyan Kendra
Farmers' Seminar on Balanced Fertilizer Use Organized at Krishi Vigyan Kendra

अल्मोड़ा। विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर, बागेश्वर में 8 मई को संतुलित उर्वरक जागरूकता अभियान के तहत एक दिवसीय किसान गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मानित डॉ. एके सिंह, पूर्व निदेशक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा नई दिल्ली एवं शोध सलाहकार समिति के अध्यक्ष ने कृषकों को संतुलित उर्वरकों के उपयोग के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि असंतुलित उर्वरक उपयोग से मृदा स्वास्थ्य प्रभावित होता है, जिसका असर पौधों, पशुओं और मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उन्होंने अंगीकृत ग्राम उडेरखानी के पॉलीहाउस में टमाटर और शिमला मिर्च के बेहतर उत्पादन पर खुशी जताई तथा लाभार्थियों से मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन और मत्स्य पालन संबंधी जानकारी भी ली। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. राज कुमार ने केंद्र की विभिन्न किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी दी। शोध सलाहकार समिति के सदस्य डॉ. एके त्रिपाठी ने कृषि विज्ञान केंद्र के कार्यों के दस्तावेजीकरण की सलाह देते हुए केंद्र के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त ने कहा कि योजनाएं किसान केंद्रित हों और उन्हें लागू करने में समन्वय व इच्छाशक्ति मजबूत हो तो किसानों की आय में वृद्धि संभव है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय कृषि की चुनौतियां मैदानी क्षेत्रों से अलग हैं और एकीकृत कृषि प्रणाली से किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। कार्यक्रम में फसल सुधार अनुभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एनके हेडाऊ, फसल उत्पादन अनुभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. बीएम पांडे, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरएस पाल और अनुसूचित जाति उपयोजना के नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गौरव वर्मा सहित अन्य वैज्ञानिक मौजूद रहे। इस दौरान कृषकों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई। गोष्ठी में पांच गांवों के 75 कृषकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन हरीश चंद्र जोशी ने किया।