Home उत्तराखंड मल्ला महल में गूंजा शास्त्रीय संगीत, संपन्न हुआ ‘नादब्रह्म’ समारोह

मल्ला महल में गूंजा शास्त्रीय संगीत, संपन्न हुआ ‘नादब्रह्म’ समारोह

Classical Music Resounds in Malla Mahal; ‘Nadabrahma’ Ceremony Concludes
Classical Music Resounds in Malla Mahal; ‘Nadabrahma’ Ceremony Concludes

अल्मोड़ा। ऐतिहासिक मल्ला महल सभागार में 8 और 9 मई को आयोजित दो दिवसीय ‘नादब्रह्म’ संगीत समारोह संपन्न हो गया। कार्यक्रम का आयोजन ध्रुपद सम्राट पंडित चंद्रशेखर पंत और स्वर रत्न पंडित तारा प्रसाद पांडे की पुण्य स्मृति में किया गया। समारोह में श्रीरामलला विराजमान को मुख्य आयोजनकर्ता और श्री बद्रेश्वर महादेव को मुख्य श्रोता के रूप में स्थापित किया गया। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय विद्यालय अल्मोड़ा के शिक्षक गौरव मिश्रा ने किया, जबकि स्थानीय कलाकारों के समन्वय की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय के संगीत शिक्षक पंकज कुमार ने निभाई। समारोह के प्रथम दिवस शास्त्रीय संगीत संध्या के अंतर्गत ध्रुपद गायन प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुमारी सौम्या सनवाल ने सरस्वती वंदना पर आधारित कथक नृत्य प्रस्तुति से की। इसके बाद गिरीश चंद्र पांडे ने मंगलाचरण एवं गणेश वंदना प्रस्तुत की। संगीता ने राग बिहाग पर आधारित श्रीराम वंदना की प्रस्तुति दी। समापन सत्र में आमंत्रित ध्रुपद गायक पंडित अमित प्रसाद पाठक ने गंभीर ध्रुपद गायन प्रस्तुत किया, जिसमें उज्जैन से आए तबला वादक शाश्वत शुक्ला ने संगत की। दूसरे दिन सुगम संगीत संध्या आयोजित की गई। गिरीश चंद्र पांडे और संगीता ने भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तिमय वातावरण बनाया। केंद्रीय विद्यालय अल्मोड़ा के छात्र स्पर्श ने राग मल्हार में प्रस्तुति दी। भातखंडे संगीत विद्यालय के संगीत शिक्षक जीवन जी ने नारायण भजन प्रस्तुत किया, जबकि प्रमोद जी ने तबले पर संगत की। इसके बाद भातखंडे संगीत विद्यालय के कलाकार नयाल जी, कुमारी नेहा और अन्य कलाकारों ने भजन एवं गजलें प्रस्तुत कीं। अल्मोड़ा के संगीत कलाकार हेम पांडे ने भी भजन और गजलों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में पंडित अमित पाठक और शाश्वत शुक्ला ने सुगम संगीत की बंदिशें प्रस्तुत कीं। समापन पर गौरव मिश्रा ने स्थानीय और आमंत्रित कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए अगले वर्ष कार्यक्रम के दूसरे संस्करण के आयोजन की घोषणा की।