विद्यार्थियों के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य हो- डॉ० सरफराज
भारतीय रेडक्रास सोसायटी देहरादून के वाईस पैट्रन व प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ० सरफराज हुसैन ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए युवा विद्यार्थियों के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए। इस वर्ष अतिवृष्टि व बादल फटने के फलस्वरूप भू-स्खलन तथा भयंकर त्वरित बाढ़ की आपदाओं से राज्य जान -माल की काफी क्षति हुई है। अतः शिक्षित युवा आपदा प्रबंधन का विधिवत् प्रशिक्षण लेकर आपदाओं से निपटने में बहुत सक्षम भूमिका का निर्वाह कर सकते हैं। उन्होंने डॉ० अनिल वर्मा द्वारा दिए जाने वाले सर्च एंड रेस्क्यू प्रशिक्षण को बेहद जरूरी बताते हुए रक्तदान के क्षेत्र में उनकी अतुलनीय सेवाओं की विशेष सराहना की। साथ ही छात्र-छात्राओं से देशहित में संपूर्ण प्रशिक्षण को गंभीरता से ग्रहण करने का अनुरोध किया।
उक्त विचार डॉ० सरफराज ने उत्तराखण्ड डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (USDMA) के तत्वावधान में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, देहरादून द्वारा गवर्नमेंट इण्टर कॉलेज, मेहूवाला में एक चार दिवसीय डिजास्टर मैनेजमेंट एवं फर्स्ट एड ट्रेनिंग प्रोग्राम के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।
शिविर निर्देशक एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ० एम एस अंसारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य भूकंप, बाढ़ भूस्खलन तथा जंगल की आग आदि आपदाओं के प्रति बहुत ही संवेदनशील है। रेडक्रास सोसायटी जहां एक ओर आपदा प्रभावित लोगों के दुःख- दर्द दूर करने हेतु राहत सामग्री पहुंचाकर यथासंभव उनकी मदद करती है, वहीं दूसरी ओर आपदाओं से मुकाबला करने के लिए आपदा प्रबंधन एवं प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण युवाओं को प्रदान करके नुकसान को कम से कम करने योग्य भी बनाती है।
जिला रेडक्रॉस के वाईस चेयरमैन सुभाष चौहान ने कहा कि समाज सेवा मानवता की पहचान है। आपदाओं के दौरान पीड़ितों की देखभाल करते हुए उनके दुःख-दर्द को दूर करना रेडक्रास का उद्देश्य है। मुझे आशा है कि छात्र- छात्राएं जो शिविर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे उसका महत्व शत्रु से युद्ध के दौरान हो या शांतिकाल में कोई आपदा हो, समय आने पर अवश्य पता चलेगा।
प्रधानाचार्य डी एस घरिया ने कहुं कि आपदाओं की सटीक भविष्यवाणी करना असम्भव है परन्तु सूझ-बूझ और सघन प्रशिक्षण से आपदाओं से कुशलतापूर्वक निपटा जा सकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारे विद्यार्थी प्रशिक्षणोपरांत किसी भी आपदा में अपनी सेवाएं देने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
इससे पूर्व जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वाईस पैट्रन डॉ० सरफराज हुसैन जी, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रधानाचार्य जीआईसी मेहूवाला श्री डी एस घरिया जी, प्रशिक्षक डॉ० अनिल वर्मा मास्टर ट्रेनर डिजास्टर मैनेजमेंट व श्री अर्शलान हुसैन का माल्यार्पण करके, शॉल ओढ़ाकर, तथा प्रतीक चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया गया।
शिविर के प्रथम दिवस पर रेडक्रास के मास्टर ट्रेनर आपदा प्रबंधन डॉo अनिल वर्मा द्वारा आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के तहत् आपदा की परिभाषा, प्रकार, भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ एवं त्वरित बाढ़, बादल फटना, आदि से जान -माल की क्षति को न्यूनतम करने के लिए आपदा से पूर्व, दौरान तथा उपरांत बरती जाने वाली सावधानियों का प्रशिक्षण दिया। साथ ही आपदा के उपरांत घायलों अथवा रोगियों को दुर्घटनास्थल से सुरक्षित बाहर निकाल कर उपचार हेतु ले जाने के इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू व रोप रेस्क्यू का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।*
इसके अतिरिक्त फर्स्ट एड प्रशिक्षण के तहत् हार्ट अटैक से मृतप्राय व्यक्ति को पुनर्जीवित करने वाली विश्व स्तरीय प्रमाणित चिकित्सा प्रक्रिया सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
जागरूकता कार्यक्रम में नशामुक्ति, रक्तदान – जीवनदान, एनीमिया , थैलेसीमिया, डेंगू नियंत्रण, अग्निशमन तथा सड़क सुरक्षा पर ज्ञानवर्धक जानकारियां दी गईं ।
प्रशिक्षण के उपरांत टीम लीडर सानिया मिर्जा के नेतृत्व में सुदरा कुरैशी, दीपिका, सुमैया शाकिर,भवानी गुलिस्ता अंसारी सहित अनेक छात्र -छात्राओं ने इमरजेंसी मेथड्स ऑफ रेस्क्यू ऑपरेशन तथा कार्डियो पल्मोनरी रीससिटेशन (सीपीआर) का बहुत ही सराहनीय प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ० अनिल वर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन वाईस चेयरमैन सुभाष चौहान द्वारा किया गया।

















